अभिनेत्री सोनाली को हुआ कैंसर, महिलाएं जाने कैसे करें अपना बचांव

नमस्कार दोस्तो आज कैंसर इस दुनिया में बहुत ही जटिल रूप ले चूका है और हर साल इससे मरने वालो की संख्या भी लाखो में है ,हमारे बॉलीवुड भी स्टार भी इनसे पीड़ित है बॉलीवुड के कलाकारों में कैंसर की खबरों से फैन्स काफी दुखी हो रहे हैं। बीते दिनों इरफान खान ने उन्हें कैंसर होने की पुष्टि की थी। जिसके बाद बुधवार को एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हुए बताया कि वे हाई ग्रेड कैंसर से पीड़ित है ,ऐसे में लोगों में इस बात कि ज्यादा हलचल हो गई है कि उन्हें किस प्रकार का कैंसर है। डॉक्टरों के मुताबिक उनके शरीर में कैंसर फैल गया है। ऐसे में यह फोर्थ स्टेज का कैंसर है।

कैंसर इंस्टीट्यूट लखनऊ के प्रो. शरद सिंह ने बताया कि जो ट्वीट एक्ट्रेस सोनाली ने किया उसमे हाई ग्रेड कैंसर का ज़िक्र किया है। इसका मलतब है कि पैथलॉजिकल जांच में उनके ट्यूमर में दो प्रकार के सेल पाए गए हैं। वहीं ट्वीट में मेटास्टेसिस का जिक्र है। यह कैंसर के सेल्स को मूल हिस्से से निकालकर शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैलाने लगते हैं।जिससे ये शरीर के अन्य हिस्से में फैलने लगता है
महिलाये कैसे कर सकती है बचाव

शराब को बहुत कम पीना चाहिए, क्योंकि यह स्तन कैंसर का खतरे बढ़ा सकता है। एक से अधिक अल्कोहल रोज पीने से स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ावा मिलता है। इसके साथ ही धूम्रपान बंद करना होगा।

स्वस्थ दैनिक आहार जिसमें फल और सब्जियां शामिल आप करे इन्हे खाने से स्तन कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।

जो व्यक्ति रोजाना व्यायाम करता है वो ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम कर सकता है। अध्ययन बताते हैं कि प्रत्येक सप्ताह 75 मिनट से 150 मिनट का ब्रिस्क वॉक इस खतरे को कम करने में मददगार होता है।

जो महिलायें अपने बच्चों को स्तनपान करातीं हैं उन्हें स्तन कैंसर के विकास का खतरा अन्य महिलाओ की तुलना में कम जोखिम होता है।

महिलाओं में यह कैंसर होने का ज्यादा खतरा

मैमोग्राम टेस्टिंग कराकर जाने स्तन कैंसर
नियमित रूप से मैमोग्राम कराएं। मैमोग्राम से स्तन कैंसर का पता दो से पांच साल में लगाया जा सकता है जब तक कि ट्यूमर किसी उभार की तरह महसूस करने लायक विकसित नहीं हुआ होता। ऐसी महिलाएं जिनको आशंका हो कि उनमें आनुवंशिक कारणों से स्तन कैंसर का जोखिम ज्यादा है उनको टेस्टिंग से पहले जेनेटिक काउंसलर से सलाह लेनी चाहिए।

भारत में सर्वाइकल कैंसर सबसे ज्यादा
भारत में ही सर्वाइकल कैंसर से हर साल 74 हजार महिलाओं की मौत होती है। विश्व भर में सर्वाइकल कैंसर की वजह से होने वाली मौतों में से एक तिहाई भारत में होती हैं। इस बीमारी से सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी तरीका है, समय पर इसकी जांच करवाना। हालांकि, इसके बारे में जानकारी का अभाव रुकावट पैदा करता है।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण
इस तर्ज के कैंसर से पीड़ित महिलाओ कि योनी से असामान्य रक्तस्राव, सेक्स या फिर टेंपोन इंसर्ट करने के दौरान रक्तस्राव होना, यौन संबंध बनाने के दौरान दर्द महसूस होना, योनी से रक्तमिश्रित अनियिमित डिसचार्ज, मासिकधर्म के बीच में योनी से रक्तस्राव, कमर, पैर या पेडू में दर्द महसूस होना, थकान, वजन में कमी, भूख ना लगना इसके प्रमुख लक्षण हैं।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव 
सर्वाइकल कैंसर की पहचान समय रहते कर ली जाए तो इससे बचाव और इलाज दोनों संभव है। इसके लिए स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पास नियमित जांच करवायें, हर तीन साल पर पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहिए , एचपीवी वायरस से बचाव के लिए लगाए जाने वाले टीकों के बारे में अपने फिजिशियन से बात करें, धू्म्रपान छोड़ दें, अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सेहतमंद खाना खाएं और व्यायाम करें।

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